आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित जी
आरोग्य पीठ के संस्थापक, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, भारत के राष्ट्रपति भवन के निवर्तमान स्वास्थ्य सलाहकार, कवि, लेखक एवं गीतकार, भारत सरकार के कौशलाचार्य उपाधि से सम्मानित, बिना दवा के इलाज करने व प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति अर्धनारीश्वर / वैलनेस न्युरोथैरेपी के मर्मज्ञ हैं । जिन्हें इस पद्धति के माध्यम से विभिन्न प्रकार के जटिल रोगों जैसे : कमर घुटना, गर्दन, कंधा दर्द, किडनी, लीवर, लंग्स एवं स्ट्रेस डिप्रेशन सहित अनेक शारीरिक एवं मानसिक रोगों का संपूर्ण रूप से निदान एवं उपचार करने का 26 वर्षों का अनुभव प्राप्त है।आचार्य जी ने इस विद्या में अपने शोध एवं अनुभव से अनेक पुस्तकों का लेखन कर इस पद्दति के डिग्री कोर्स के लिए विश्वविद्यालय एवं भारत सरकार से मान्यता दिलाई है। आपकी दूरदर्शिता एवं अथक परिश्रम ने एक लुप्तप्राय विज्ञान को अनौपचारिक से विधिवत ऑपचारिक बना कर देश एवं दुनियाँ के स्वास्थ्य एवं रोज़गार के क्षेत्र में बहुत बड़ा क्रांतिकारी कार्य किया है। आज लगभग संपूर्ण भारत एवं दुनियाँ के 19 देशों में इस विद्या में आपसे पारंगत न्यूरोथेरेपिस्ट, लोगों के जटिल रोगों के निदान एवं उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आचार्य जी ने देश एवं दुनिया के लगभग 27 करोड़ लोगों को सोशल मीडिया सहित अनेक माध्यमों से लाभान्वित किया है। सतत् साधना में रत रहने वाले आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित जी को देश एवं दुनियाँ में चाहने वालों की फ़ेहरिस्त बहुत लंबी है।

मेरा कार्य ही मेरा परिचय है

उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा के एक छोटे से ग्राम नाहरपुर में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता कृषक होने के साथ-साथ पारंपरिक मंत्र चिकित्सा के ज्ञाता थे तथा माता एक संस्कारवान एवं राष्ट्रभक्त गृहिणी थीं। ग्रामीण परिवेश में प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा
प्राप्त करते हुए उनमें भारतीय संस्कृति
, समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति गहरी आस्था विकसित हुई। वर्ष 1991 में उन्होंने राष्ट्रसेवा के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य प्रारम्भ किया। लगभग 11 वर्षों तक दिल्ली एवं जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक एवं सामाजिक कार्य करते हुए समाज की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को निकट से समझने का अवसर मिला। वर्ष 2001 उनके जीवन का निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ। संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्हें महाराष्ट्र के सूर्यमल ग्राम में प्रख्यात पारंपरिक चिकित्सक स्वर्गीय श्री लाजपत राय मेहरा के सान्निध्य में कार्य करने का अवसर मिला। वहाँ नाभि-आधारित पारंपरिक उपचार पद्धति का अध्ययन करते हुए उन्हें अपने पिता से प्राप्त पारंपरिक ज्ञान की वैज्ञानिक संभावनाओं का गहरा अनुभव हुआ। इसी अनुभव ने उनके जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया—भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान का संरक्षण, वैज्ञानिक पुनर्स्थापन तथा समाजोपयोगी विकास। इस संकल्प को साकार करने के लिए उन्होंने स्वयं को स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज़ (BNYS), मास्टर ऑफ योगिक साइंसेज़ (MAYS) तथा आयुर्वेदिक डिप्लोमा (ADPH) की शिक्षा प्राप्त की। इसके अतिरिक्त अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)” विषय पर शोध कर पीएच.डी. उपाधि अर्जित की। ज्ञानार्जन एवं अनुसंधान की उनकी यात्रा आज भी निरंतर जारी है। लगभग 25 वर्षों के अनुसंधान, अभ्यास एवं सामाजिक सेवा के परिणामस्वरूप उन्होंने अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)” जैसी एक नवीन भारतीय वेलनेस प्रणाली का विकास किया, जिसे भारत सरकार के कौशल विकास तंत्र में स्थान प्राप्त हुआ तथा विश्वविद्यालय स्तर पर भी शैक्षणिक पाठ्यक्रम के रूप में स्थापित किया गया। वर्तमान में वे आरोग्य पीठ, वृंदावन (उत्तर प्रदेश) एवं पटेल नगरनई दिल्ली के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, कौशल विकास, प्रशिक्षण तथा भारतीय पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में सक्रिय हैं। उनका जीवन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने तथा स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सक्षम भारत” के निर्माण के लिए समर्पित है।


प्रमुख उपलब्धियाँ
  1. अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)” का सृजन – भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः” तथा नाभि एवं अर्धनारीश्वर की भारतीय आध्यात्मिक अवधारणा को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर विकसित करते हुए संतुलन से आरोग्य”की अवधारणा पर आधारित, बिना औषधि, बिना मशीन एवं बिना दुष्प्रभाव वालासरकारी मान्यता प्राप्त शून्य (Zero) बजट स्टार्टअप मॉडल का अभिनव कौशल-आधारित चिकित्सा विषय अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)”विकसित कियाजिससे देश के हजारों युवाओं को स्वरोजगार एवं समाज को स्वास्थ्य का नया विकल्प प्राप्त हुआ।
  2. भारत सरकार से कौशल विकास की मान्यता
    वर्ष 2019 में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के लिए इस विषय के जॉब रोल के QP (Qualification
    Pack), NOS (National Occupational Standards)
    एवं पाठ्यक्रम (Curriculum) तैयार कर प्रस्तुत किए, जिन्हें सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
  3. उच्च शिक्षा में विषय की स्थापना
    वर्ष 2023में शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत बीर टिकेंद्रजीत विश्वविद्यालय, मणिपुरमें इस विषय के डिप्लोमा एवं चार वर्षीय स्नातक + एक वर्षीय उच्च अध्ययन सहित कुल 5 शैक्षणिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ कराए।
  4. 39 ISBN पुस्तकों एवं 21 प्रेरणादायक गीतों का सृजन
    विषय के विभिन्न आयामों पर 39 ISBN पुस्तकों का लेखन तथा जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से 21 प्रेरणादायक गीतों की रचना की।
  5. पंच-आयामी निदान प्रणाली का विकास
    सफल चिकित्सा के लिए दर्शनस्पर्शनश्रवणघ्राण एवं अनुमान पर आधारित पाँच-आयामी निदान (Diagnosis) प्रणाली का विकास किया तथा इस विषय पर अनेक पुस्तकों का प्रकाशन किया।
  6. डिजिटल गुरुकुल की स्थापना
    वर्ष 2019 में ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु वीडियो-आधारित आरोग्य पीठ डिजिटल गुरुकुल” की स्थापना की, जिससे देश-विदेश के विद्यार्थी कहीं से भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
  7. 2,000 से अधिक सफल केस स्टडी का दस्तावेजीकरण
    अनुसंधान एवं जनविश्वास के उद्देश्य से 2,000 से अधिक सफल उपचारों की केस स्टडी का संकलन कर उन्हें अपने YouTube चैनल के माध्यम से सार्वजनिक किया।
  8. आरोग्य पीठ मोबाइल एप का विकास
    उपचाररोगी प्रबंधनप्रशिक्षण एवं चिकित्सा केन्द्रों के संचालन से संबंधित सभी आवश्यकताओं का समाधान प्रदान करने हेतु आरोग्य पीठ मोबाइल एप विकसित किया।
  9. देश-विदेश में रोजगार सृजन
    भारत के 28 राज्यों के 326 जिलों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा। प्रशिक्षित अधिकांश चिकित्सक ₹50,000 प्रति माह से अधिक आय अर्जित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त 18 देशों के प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  10. 25 वर्षों की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा
    पिछले 25 वर्षों में 3 लाख से अधिक लोगों का उपचार10,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण तथा प्रत्यक्ष एवं सोशल मीडिया के माध्यम से 30 करोड़ से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुँचाया।
  11. राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
    स्वस्थ भारत” एवं Vocal for Local अभियान के अंतर्गत NCERT के आधिकारिक चैनल पर 23 एपिसोड प्रस्तुत किए तथा DD News, News Nation सहित अनेक राष्ट्रीय मीडिया मंचों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए।
  12. उच्च संस्थानों में स्वास्थ्य सलाह एवं व्याख्यान                                                                                                                भारत के राष्ट्रपति भवन में वर्षों तक न्यूरोथैरेपी स्वास्थ्य सलाहकार के रूप में सेवाएँ प्रदान कीं। इसके अतिरिक्त भारतीय संसद के HIV/AIDS Forum में सांसदों तथा दिल्ली उच्च न्यायालय में माननीय न्यायाधीशों को स्वास्थ्य विषयक सेमिनारों में संबोधित किया।
  13. जनजातीय एवं आदिवासी क्षेत्रों में विशेष सेवा अभियान
    वर्ष 2016 से Healthy Mizoram Campaign एवं Healthy North-East Campaign के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत में तथा झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के जनजातीय क्षेत्रों में उपचार एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर 20,000 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया तथा युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा।
  14.  कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान, प्रतिदिन लगभग 6–8 घंटे अपने निवास से ऑनलाइन माध्यमों द्वारा हजारों लोगों को वेलनेस न्यूरोथेरेपी के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) सुदृढ़ करनेशारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने तथा महामारी से बचाव के सरल एवं व्यवहारिक उपायों का निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। ऑनलाइन प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाने के लिए अपनी पत्नी एवं बच्चों सहित पूरे परिवार की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।इस जन-जागरूकता अभियान के  माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिली।
  1. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण एवं उपचार
    अमेरिकाकनाडादक्षिण अफ्रीकाहांगकांग तथा यूरोप सहित अनेक देशों में प्रशिक्षणउपचार एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय चिकित्सा ज्ञान का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया।
  2. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान
    वर्ष 2021 में भारत सरकार के कौशल आचार्य पुरस्कार से सम्मानित हुए। इसके अतिरिक्त देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा
    विभिन्न सम्मान एवं अलंकरण प्राप्त किए।
  3. विश्व रिकॉर्ड एवं ग्लोबल समिट
    1,500
    थेरेपिस्टों द्वारा एक ही स्थान पर सामूहिक उपचार कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया तथा वर्ष 2023 में Wellness
    Neurotherapy Global Summit
    का सफल आयोजन किया।

विशेष स्वास्थ्य सेवा शिविर
107
दिव्यांग बच्चों एवं 31 अस्थमा पीड़ित बच्चों के लिए विशेष उपचार शिविर आयोजित किए, जिनमें अनेक उल्लेखनीय एवं सफल उपचार परिणाम प्राप्त हुए।

प्रमुख चुनौतियाँ

1. एक नए ज्ञानविषय की स्थापना का अभूतपूर्व संघर्ष

अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)” पूर्णतः एक नवीन विषय था, जिसके लिए पूर्व में न तो कोई मान्य साहित्य उपलब्ध था, न वैज्ञानिक सिद्धांत, न मानक पाठ्यक्रम, न व्यावसायिक मानदंड, न सरकारी मान्यता और न ही कोई स्थापित प्रशिक्षण व्यवस्था। इस कारण इसकी संपूर्ण वैचारिक एवं संस्थागत संरचना शून्य से निर्मित करनी पड़ी। इस कार्य के अंतर्गत प्राचीन वैदिक एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमाणों का गहन अध्ययन एवं संकलन, वैज्ञानिक आधार पर सिद्धांतों का विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के Qualification Pack (QP), National Occupational Standards (NOS), पाठ्यक्रम (Curriculum), प्रशिक्षण प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा संदर्भ साहित्य का स्वयं निर्माण किया गया। विषय पर अनेक पुस्तकों का लेखन कर एक स्वतंत्र ज्ञान-विधा का स्वरूप विकसित किया गया।

इस नवीन विषय को समाज एवं शासन व्यवस्था में स्वीकार्यता दिलाना अत्यंत चुनौतीपूर्णरहा। विशेष रूप से भारतीय परंपरा एवं धार्मिक अवधारणाओं पर आधारित विषय होने के कारण प्रारंभिक स्तर पर पर्याप्त संस्थागत स्वीकार्यता प्राप्त नहीं थी। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया लगभग पाँच वर्षों तक चली, जिसमें लगभग 32 विशेषज्ञ बैठकों में सहभागिता करनी पड़ी तथा 28 बार अस्वीकृति का
सामना करने के बाद अंततः विषय को मान्यता प्राप्त हुई। 
साथ ही, बिना औषधि एवं बिना मशीन पर आधारित उपचार पद्धति होने के कारण समाज में विश्वास स्थापित करना भी अत्यंत कठिन था। प्रारंभिक वर्षों में लोग उपचार की प्रभावशीलता पर संदेह करते थे और अनेक बार उपचार प्राप्त करने के बाद भी पारिश्रमिक देने में संकोच करते थे। इन सभी परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जब कोई पूर्वनिर्धारित मार्ग उपलब्ध नहीं था, तब स्वयं मार्ग बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ना।

2. सीमित संसाधनों में राष्ट्रीय स्तर का संस्थागत निर्माण

प्रचारक जीवन से गृहस्थ जीवन में प्रवेश के पश्चात आर्थिक संसाधनों का अत्यधिक अभाव था। एक ओर परिवार की जिम्मेदारियाँ थीं, वहीं
दूसरी ओर एक नवीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का संकल्प। सीमित साधनों में शोध
, साहित्य
निर्माण
, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, संस्थागत विकास, तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म, राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं सामाजिक अभियानों का संचालन अत्यंत कठिन रहा। अनेक वर्षों तक व्यक्तिगत संघर्ष, आत्मविश्वास, त्याग एवं निरंतर परिश्रम के बल पर आर्थिक, सामाजिक एवं संस्थागत चुनौतियों का सामना करते हुए इस विषय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। यह यात्रा केवल एक नए विषय के विकास की नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों के बीच एक संपूर्ण ज्ञान-परंपरा को स्थापित करने के सतत प्रयास की कहानी है।


समाज पर कार्य का प्रभाव

1. भारतीय पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान

अर्धनारीश्वर चिकित्सा (WellnessNeurotherapy) को भारत सरकार से औपचारिक मान्यता मिलने के बाद समाज में भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आया है। इससे अनेक पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े विशेषज्ञों को भी अपने ज्ञान को वैज्ञानिक एवं कौशल-आधारित स्वरूप में विकसित कर सरकारी मान्यता प्राप्त करने की प्रेरणा मिली।

2. स्वास्थ्य एवं आजीविका का अभिनव मॉडल

वेलनेस न्यूरोथेरेपी ने स्वास्थ्य सेवा और स्वरोजगार का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसमें बहुत कम निवेश अथवा शून्य (Zero) बजट स्टार्टअप के माध्यम से कोई भी प्रशिक्षित व्यक्ति अपना कार्य प्रारंभ कर सकता है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं एवं परिवारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिला है।

3. महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण

गृहिणियाँ अब घरेलू दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रतिदिन केवल 3–6 घंटे कार्य करके अपने घर से ही रोगियों को सेवा प्रदान कर रही हैं तथा लगभग ₹25,000 से ₹60,000 प्रति माह तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं पारिवारिक निर्णयों में सहभागिता बढ़ी है।

4. युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर

सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल, किफायती प्रशिक्षण, Learning while Earning मॉडल तथा किसी भी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए खुले अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवा स्वास्थ्य एवं वेलनेस को करियर के रूप में अपना रहे हैं। विज्ञान के साथ-साथ अन्य संकायों के विद्यार्थी भी इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक स्वरोजगार स्थापित कर रहे हैं।

5. जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों का सशक्तिकरण

पूर्वोत्तर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात तथा अन्य जनजातीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं को सम्मानजनक आजीविका मिली है। स्थानीय स्तर पर आरोग्य केन्द्र स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा तथा शहरों की ओर पलायन में कमी आई है।

6. शिक्षा क्षेत्र में नया करियर विकल्प

सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल होने के कारण वेलनेस न्यूरोथेरेपी को विश्वविद्यालयों एवं कौशल शिक्षा कार्यक्रमों में स्थान मिला है। इससे विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों एवं विशेषज्ञों की मांग निरंतर बढ़ रही है तथा स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए करियर अवसर विकसित हुए हैं।

7. स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं किफायती उपचार

औषधि, मशीन एवं महंगे उपकरणों पर न्यूनतम निर्भरता के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक भी स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ हुई हैं। विशेष रूप से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में कम लागत पर उपचार उपलब्ध होने से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिली तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ी।

8. जीवनशैली संबंधी रोगों के प्रति जागरूकता

घुटनो  का दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल, कब्ज, गैस, एसिडिटी, तनाव, अवसाद, मोटापा, थकान, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा अन्य जीवनशैली संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रशिक्षित व्यक्ति एवं परिवार स्वयं भी स्वास्थ्य संरक्षण एवं रोग-निवारण के प्रति अधिक सजग हुए हैं।

9. परिवारकेंद्रित स्वास्थ्य संस्कृति का विकास

दिव्यांग बच्चों, दीर्घकालिक रोगियों तथा विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले परिवारों के सदस्य स्वयं प्रशिक्षण लेकर अपने घर पर नियमित
स्वास्थ्य देखभाल करने लगे हैं। इससे परिवारों की आत्मनिर्भरता और रोगियों की जीवन-गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

10. डिजिटल माध्यम से जनजागरूकता

YouTube, सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्रशिक्षण तथा डिजिटल गुरुकुल के माध्यम से योग, ध्यान, सरल व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यावहारिक उपाय करोड़ो लोगों तक पहुँचे, जिससे लोगों को घर बैठे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्राप्त
हुई।

11. भारतीय वेलनेस विशेषज्ञों की बढ़ती मांग

देश एवं विदेश में प्रशिक्षित वेलनेस न्यूरोथेरेपिस्टों की मांग निरंतर बढ़ रही है। अनेक परिवार, संस्थान एवं पेशेवर व्यक्ति व्यक्तिगत वेलनेस सलाहकार एवं प्रशिक्षित विशेषज्ञों की सेवाएँ लेने लगे हैं, जिससे भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसर विकसित हुए हैं।

12. समाज पर समग्र प्रभाव

वेलनेस न्यूरोथेरेपी ने समाज में स्वास्थ्य, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, कौशल शिक्षा एवं भारतीय पारंपरिक ज्ञान
के पुनर्स्थापन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रभाव उत्पन्न किया है। इस पहल ने लाखों लोगों को कम लागत पर स्वास्थ्य सेवाएँ
, सम्मानजनक आजीविका तथा आत्मनिर्भर जीवन की दिशा प्रदान की है।


भविष्य की कार्ययोजना एवं संभावनाएँ

1. आरोग्य से आत्मनिर्भर भारत :शून्य बजट स्वरोज़गार मॉडल

राष्ट्रीय कौशल मानकों (QP/NOS) तथा विश्वविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों के माध्यम से आगामी वर्षों में देश के प्रत्येक राज्य, जिले
तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के लाखों युवाओं एवं महिलाओं को वेलनेस न्यूरोथेरेपीका प्रशिक्षण देकर 
Zero-Budget Startup आधारित सम्मानजनक स्वरोज़गार से जोड़ना। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ व्यापक स्तर पर आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।

2. सुलभ स्वास्थ्य सेवा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यय में कमी

बिना औषधि, बिना मशीन एवं कम लागत पर आधारित इस भारतीय वेलनेस मॉडल का व्यापक विस्तार कर सामान्य नागरिकों के उपचार व्यय को कम करना तथा निवारक एवं वेलनेस आधारित स्वास्थ्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा देश में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सशक्त होगी।

3. जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्रांति

पूर्वोत्तर भारत, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश तथा अन्य दुर्गम क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय वेलनेस विशेषज्ञ तैयार करना, जिससे अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, किफायती एवं समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा सकें तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित हो।

4. भारत को वैश्विक वेलनेस नेतृत्व प्रदान करना

डिजिटल गुरुकुल, मोबाइल एप, ऑनलाइन शिक्षा एवं अनुसंधान आधारित प्रशिक्षण प्रणाली के माध्यम से भारतीय पारंपरिक ज्ञान एवं वेलनेस न्यूरोथेरेपी को विश्वभर में स्थापित करना तथा भारत को Global Wellness Hub एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक Soft Power के रूप में सशक्त बनाना।

5. स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में व्यापक रोजगार सृजन

देश की बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गाँव, शहरी समुदाय, विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय,
आयुष संस्थानों तथा निजी वेलनेस केन्द्रों के लिए प्रशिक्षित वेलनेस विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं हेल्थ कोच की बड़ी आवश्यकता है। अनुमानतः आने
वाले वर्षों में 
20 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर विकसित किए जा सकते हैं, जिससे भारत का स्वास्थ्य एवं कौशल क्षेत्र नई दिशा प्राप्त करेगा।

6. भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक वैज्ञानिक पहचान

दीर्घकालिक लक्ष्य अर्धनारीश्वर चिकित्सा (Wellness Neurotherapy)” को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा एव आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वित स्वरूप के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा में इसकी स्वीकृति के आधार पर भविष्य में इसे स्वास्थ्य एवं वेलनेस के प्रमुख भारतीय मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी रहेगा। इससे भारतीय परंपरागत ज्ञान के संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई प्राप्त होगी।



  • Neurotherapy Health Consultant at President Estate Clinic Founder : Aarogya Peeth
  • Acharya Dr. Ram Gopal Dixit is a Renowned Yoga Guru & Meditation Expert, Advance Neurotherapy Specialist and Health Consultant at Rashtrapati Bhavan, He is a Social Activist who has been offering his services to mankind for over 26 yrs. in the field of health care.

  • His mastery in Yogic science of curing diseases without medicines has benefitted more than 50 Lakh people one to one across India. &11 cr. People Aware by social media | He has delivered numerous key note speeches at Rashtrapati Bhawan, Parliament House & Delhi High Court on Yogic Neurotherapy and other Health topics | Also have rich experience in training & treatment in Yoga and Advance Neurotherapy.

  • Dr. LajpatraiMehra – Father of Neurotherapy, credits Sh. Dixit for his dedication, for providing recognition to Neurotherapy at large scale and for becoming a part of spreading this amazing revolution in the field of health.List of lovers of Acharya Dixit is very large. It includes leading allopathic doctors, judges, ministers of the cabinet, various great leaders and many others from various sections of society.

  • He has organized countless seminars, workshops & camps like Yoga& Meditation, Naturopathy & Alternative Therapy Camp, Body Balancing Workshop at Corporate, Institutions, Schools & College Levels.
    In 2016, the 3 Occupational Qualification Pack (QP), National Standard (NOS) for Traditional Medicine / Neurotherapy for self-reliant India campaign wash created by making them a unique and unprecedented work of validating them with the Ministry of Skill Development and Entrepreneurship, Government of India.

Management

Team Members

  • Acharya Dr.  Ramgopal Dixit – Renowned Neurotherapy Consultant, Social Activist, Health Consultant at Rashtrapati Bhavan, delivered numerous key note speeches at Parliament House & Delhi High Court, with over 24 Yrs. Of rich experience and trained & treated over five lakes people across India
  • Anupama Acharya – Consultant Chartered Accountant
  • Dr. H.N.Agarwal – Neurosurgeon, Sir Ganga Ram Hospital

PATRONS

  • Shri Bhaiya Ji Joshi – Sar Karyawah, RSS
  • Shri Suresh Soni – Seh Sar Karyawah, RSS
  • Acharya Dr. Lokesh Muni – Renowned Spiritual Leader & Founder of Ahimsa Vishwa Bharti
  • Shri Nitin Gadkari – Minister of Road Transport and Highways Government of India
  • Shri Suresh Yadav – Officer Special Duty to the President of India
  • Shri Keval Krishan Kumar – CMD, Shakti Bhog Group

Acharya Dr. Ram Gopal Dixit

                                                                                                                                                Former Neurotherapy Health Consultant at PEC, Rashtrapati Bhawan 
Former Member: Governing Body CCRYN Ministry of AAYUSH (Govt. of India)
Former Member: Scientific Advisory Committee CCRYN
Ministry of AAYUSH (Govt. of India)
Founder President: Aarogya Peeth
Innovator: Wellness Neurotherapy
Renowned Yoga Guru.

 Acharya Dr.  Ram Gopal Dixit is a Renowned Yoga Guru & Meditation Expert, Wellness Neurotherapy Specialist and former Health Consultant at Rashtrapati Bhavan , He is a Social Activist who has been offering his services to mankind for over 26 yrs. in the field of health care. His mastery in Yogic science of curing diseases without medicines has benefitted more than 50 Lakh people one to one across the World & 17cr. People Aware by social media. He has delivered numerous key note speeches at Rashtrapati Bhawan, Parliament House & Delhi High Court on Yogic Neurotherapy and other Health topics. Also have rich experience in training & treatment in Yoga and Wellness Neurotherapy. Dr. Lajpatrai Mehra – Credits Acharya Dixit for his dedication, for providing recognition to Neurotherapy at large scale and for becoming a part of spreading this amazing revolution in the field of health & wellness. List of lovers of Acharya Dixit is very large. It includes leading allopathic doctors, judges, ministers of the cabinet, various great leaders and many others from various sections of society. He has organized countless seminars, workshops & camps like Yoga & Meditation, Naturopathy & Alternative Therapy Camp, Body Balancing Workshop at Corporate, Institutions, Schools & College Levels. In 2016, 3 Occupational Qualification Pack (QP), National Occupational Standard (NOS) for Traditional Medicine / Neurotherapy, self-reliant Indian campaign was created by making them a unique and unprecedented work of validating them with the Ministry of Skill Development and Entrepreneurship, Government of India, Aarogya Peeth & Indraprastha University Delhi has signed a MOU to promote the ancient traditional / vedic medical science of Wellness Neurotherapy in the month of March 2022. Bir Tikendrajit University Manipur also signed a MOU for BWNS & MWNS (Degree Courses) of Wellness Neurotherapy Science equivalent to BAMS, BHMS & BYNS. Young students will get opportunity to learn Wellness Neurotherapy skill certified by ministry of National Skill Development Council Government of India. Awards & Certifications  Asia and India World Book Record 2023, 2 thousand Wellness Neurotherapists at one place to treat 5 thousand Neck, Shoulder, Back and Knee pain patients simultaneously at one place.  Sanatan Sanskriti Samman 2023 given by Yug Sanskriti Nyas Delhi & Akhil Vishwa Gayatri Pariwar Delhi. KAUSHALACHARYA Award 2021 given by Ministry of Skill development Gov India.  Award given by Fight & Survive UNIT FIVE, (05 BN CRPF).  Social Empowerment Villagers Association (Sewa), Wishwa Diwyang Diwas 2017.  Rotary Best Speaker Award -Rotary Club of Delhi Metro.  Neurotherapy Vikas Gaurav Award – Vikas Foundation, Mumbai.  Best Documentation Award – Prof. Nirmala & Dr. Ashok Bhatija.  Maximum Documentation Award & Trophy- Dr. Lajpatrai Mehra’s. National Neurotherapy Trophy – Neurotherapy Research & Training Centre.  Unity of Nation Award 2014 Sardar Vallabhbhai Patel Memorial – Jeevan Aashram Trust, Mission Protect India.  Delhi Gourav Vikash Award- 2016.  Participation Certificate – International Naturopathy Organization. International YOG Festival – Participation Certificate by Uttrakhand Govt.  Naturopathy Yog Training Camp – Participation Certificate by Lala Ram Prasad Memorial Education and Nature Cure Social Welfare Society Delhi.  Appreciation Certificate for rendering services for more than ten years in Neurotherapy – by Dr. Lajpat Rai Mehra’s.  Advance Reiki Healer – By Reiki Healing Foundation.  Certificate of Participation – by Indian Board of Alternate Medicines.  Certificate of Participation certificate by Rashtrapati Bhawan. Certificate of Participation certificate by Hon’ble Governor of Mizoram.